भारत में उन्नत V-BAT ड्रोन निर्माण: आत्मनिर्भरता की ओर एक और कदम
भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अमेरिकी कंपनी Shield AI और भारत के JSW ग्रुप ने मिलकर उन्नत V-BAT ड्रोन का निर्माण भारत में करने का निर्णय लिया है। यह साझेदारी देश में ड्रोन निर्माण को नई ऊंचाई पर ले जाने के साथ-साथ सैन्य क्षमताओं को सशक्त बनाएगी।
V-BAT ड्रोन की विशेषताएँ
- वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग (VTOL): ये ड्रोन सीमित स्थान से भी उड़ान भरने और उतरने में सक्षम हैं।
- लंबी ऑपरेशनल क्षमता: V-BAT ड्रोन 11 घंटे तक हवा में रह सकते हैं और लगभग 483 किलोमीटर की दूरी तय कर सकते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर में प्रभावी: यह तकनीक जामिंग और इलेक्ट्रॉनिक व्यवधानों के बावजूद सटीकता से काम करती है।
- युद्धक्षेत्र में परीक्षण: इन ड्रोनों का परीक्षण यूक्रेन में किया गया, जहां इन्होंने आधुनिक युद्ध में अपनी उपयोगिता साबित की।
भारत में निर्माण: क्या है योजना?
JSW ग्रुप और Shield AI ने दिसंबर 2024 में भारत में V-BAT ड्रोन के निर्माण के लिए एक संयुक्त उपक्रम की घोषणा की।
- निवेश: इस प्रोजेक्ट में $90 मिलियन (लगभग ₹740 करोड़) का निवेश किया जाएगा।
- रक्षा उत्पादन को बढ़ावा: यह साझेदारी भारत के "आत्मनिर्भर भारत" मिशन के तहत रक्षा उत्पादन को गति देने में मदद करेगी।
- वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में कदम: भारत न केवल अपनी सैन्य जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि इन उन्नत ड्रोनों के लिए वैश्विक आपूर्ति केंद्र बनने की भी तैयारी कर रहा है।
भारत के लिए लाभ
- सैन्य क्षमता में वृद्धि: V-BAT ड्रोन भारतीय सेना को आधुनिक और कुशल रणनीति अपनाने में मदद करेंगे।
- स्वदेशी उत्पादन: रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम होगी।
- तकनीकी ज्ञान: इस परियोजना से भारत को उन्नत ड्रोन तकनीक में महारत हासिल होगी।
निष्कर्ष
भारत में V-BAT ड्रोन का निर्माण न केवल घरेलू रक्षा क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को भी सशक्त बनाएगा।

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