रूस-यूक्रेन युद्ध: 1045 दिन में रूस ने रिकॉर्ड कब्जा किया, फिर भी हार क्यों देखी जा रही है?
रूस का रिकॉर्ड कब्जा, लेकिन हार क्यों?
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को आज 1045 दिन हो गए हैं। इस दौरान रूस ने 4000 स्क्वायर किलोमीटर की जमीन पर कब्जा किया है। यह रूस का अब तक का सबसे तेज और बड़ा गेन है। लेकिन यह जीत के बजाय हार के रूप में देखा जा रहा है।
कारण 1: रूस का भारी नुकसान
2024 के 12 महीनों में रूस ने करीब 430,000 सैनिकों को खो दिया। यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि औसतन हर दिन 1200 सैनिक मारे गए। इतनी जमीन कब्जा करने के बावजूद, यह नुकसान रूस की ताकत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
कारण 2: महत्वहीन जमीन पर कब्जा
रूस ने जिन इलाकों पर कब्जा किया है, वे डोनेत्स्क क्षेत्र के आसपास हैं। ये इलाके यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से कम महत्वपूर्ण हैं। वहीं, यूक्रेन ने रूस के कुर्स्क राज्य पर कब्जा कर रखा है, जो युद्ध में रूस की स्थिति को कमजोर करता है।
यूक्रेन की रणनीति: कुर्स्क को बनाए रखना
यूक्रेन ने पिछले चार महीनों से कुर्स्क पर कब्जा कर रखा है। रूस ने अपनी जमीन छुड़ाने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन असफल रहा।
- हथियार: रूस ने बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलें तक दागीं।
- सैनिक: उत्तर कोरिया के 12,000 सैनिकों को बुलाया गया।
फिर भी रूस अपनी जमीन वापस नहीं ले सका।
शांति समझौते में यूक्रेन का प्लान
युद्ध विराम की बातचीत में यूक्रेन कुर्स्क के बदले रूस से अपनी सभी जमीन वापस मांग सकता है। यह रणनीति व्लादिमीर पुतिन के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।
अमेरिका और ट्रंप की भूमिका
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन के लिए भारी फंडिंग की है। यह समर्थन यूक्रेन को आने वाले 6-7 महीनों तक आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखेगा।
ट्रंप का शांति प्रस्ताव
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस को शांति प्रस्ताव दिया है, जिसमें कहा गया है कि:
- यूक्रेन 20 साल तक नाटो का सदस्य नहीं बनेगा।
- युद्ध रोकने के बदले रूस को अपनी जमीन वापस मिल सकती है।
हालांकि, रूस इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
निष्कर्ष
रूस-यूक्रेन युद्ध एक निर्णायक मोड़ पर है। जमीन पर कब्जा और भारी सैनिक हानि के बीच रूस की स्थिति कमजोर हो रही है। वहीं, यूक्रेन अपनी रणनीति और अमेरिकी समर्थन से मजबूत दिख रहा है। आने वाले दिनों में ट्रंप और बाइडन की नीतियां इस संघर्ष का भविष्य तय करेंगी।
Related News: - रूस ने पश्चिमी देशों के मुकाबले हथियारों के उत्पादन में कई गुना इजाफा किया है
आपका क्या मानना है? अपनी राय नीचे कमेंट करें।

No comments:
Post a Comment